मनदर्शन मेंटोरिया : अशांत मनोदशा Vs रोड एक्सीडेंट
सड़क सुरक्षा सप्ताह विशेष रिपोर्ट 👉अशान्त मनोदशा बन सकती है सडक़ दुर्घटना का सबब 👉युवा मौत का एक तिहाई हिस्सा है सड़क दुर्घटना रोड एक्सीडेंट व ड्राइवर मनोदशा में गहरा सम्बन्ध है। युवाओं में बढ़ता तनाव, कुण्ठा, हताशा,अवसाद व उन्माद जैसी नकारात्मक मनोदशाओं की परिणति सड़क दुर्घटनाओं के रूप में भयावक रूप लेती जा रही है।अन्य आयु वर्ग के मुकाबले न केवल युवा सड़क दुर्घटनाओं की सम्भावना चार गुना अधिक हो गयी है बल्कि प्रत्येक तीन युवाओ में से एक की मौत सड़क दुर्घटना से हो रही है। जिला चिकित्सालय के किशोर व युवा मनो परामर्शदाता डॉ0 आलोक मनदर्शन के अनुसार वाहन चालक की मनोअगवापन व सड़क दुर्घटना में प्रबल सह सम्बन्ध होता है। 👉मनोविश्लेषण : तनाव, कुण्ठा, अवसाद व उन्माद ग्रसित व्यक्ति वाहन चलाते समय भी पूर्ण चैतन्य की अवस्था में न रहकर अपने अर्धचेतन में चल रहे तनाव व द्वन्द वाले विचारों व मनोभावों में खोये रहते हैं जिससे वह अपेक्षित सतर्कता व ध्यान से वाहन नहीं चला पाते। दूसरी तरफ उन्माद से ग्रसित लोग अति आत्मविश्वास व हैरत अंगेंज रोमांचक मनोदशा को संतुष्ट कर...